priyanka-gupta1623580670 Priyanka Gupta

रमन अपने पिता जी के साथ एक छोटे से मकान में रहता है l वो एक बड़ी सी कंपनी मैं फाइनेंसियल एडवाइजर है l कल उसको एक प्रेजेंटेशन तैयार करनी है जिससे कि उसकी प्रमोशन भी हो सकती है l वो 🎒बैग से अपना लैपटॉप निकालता है पर किसी कारण वो चलता नहीं l रमन बहुत टेंशन मैं हो जाता है वो सोचता है कि अब क्या करूं इसका कीबोर्ड भी अभी खराब होना था l उसके पिता जी उससे पूछते है कि बेटा क्या बात है इतना उदास क्यूँ हो? रमन- मेरा कल जरूरी प्रेजेंटेशन है और इसका यह कीबोर्ड भी काम नहीं कर रहा, मॉनिटर तो ठीक है I कि तभी पिता जी उसके लिए एक पुराना कीबोर्ड लाते है I पिता जी - ये लो बेटा तुम्हारे दादा जी का कीबोर्ड I  वो भी कभी अपने कंप्यूटर 🖥 पर अपनी नॉवेल लिखा करते थे l कंप्यूटर   तो खराब हो गया पर मेंने उसका कीबोर्ड सम्भाल कर रख लिया था l आज देखो तुम्हारे काम आ ही गया I रमन खुश हो गया और उसने अपना काम करना शुरू कर दिया l काम करते करते उसकी आंख लग गई I जब वो जागा  सुबह के 8 बज रहे थे वो और भी ज्यादा टेंशन मैं हो गया था क्योंकि उसने काम पूरा नहीं किया था और ऑफिस जाने मै सिर्फ 1 घन्टा बचा था l. उसने अपने लैपटॉप पर देखा पर ये क्या उसकी प्रेजेंटेशन फाइल पूरी कम्पलीट थी l वो हैरान रह गया l पर वो खुश भी था l आखिर ये किसने किया?? रमन ऑफिस पहुँच कर अपनी प्रेजेंटेशन सब को देता है I सीईओ उसके काम की बहुत तारीफ करता है और उसकी पदौन्नति कर देता है I रमन की खुशी का ठिकाना नहीं रहता l पर वो मन ही मन जानता है कि ये काम उसका नहीं हैं I रात को खाना खा कर वो अपने पिताजी से पूछता है कि क्या आपने मेरे लैपटॉप पर कुछ काम किया था?? पिताजी- नहीं तो! मुझे तो ये चलाना भी नहीं आता l मैं तो रोज रात को अपना भजन सुनता हूँ I रमन फिर अपना लैपटॉप खोलता है और ऑफिस का काम करने लग जाता है कि तभी उसे रश्मि का फोन📱आता है  I  रश्मि उसके ऑफिस मैं उसकी सहयोगी है I रश्मी- हैलो रमन, कल धीरज का जन्मदिन है, तुम चल रहे हो ना शाम को पार्टी में? रमन- नहीं यार, कल मुझे पापा को ले कर डॉक्टर के जाना है रूटीन चेकअप के लिए I और अपना कीबोर्ड भी ठीक होने के लिए देना है I मेरी तरफ से जन्मदिन की बधाई दे देना I रश्मि - अच्छा ठीक है ,मैं कह दूंगी l 👋 बाइ रमन ने ये सब झूठ बोला था क्यूंकि वो धीरज को पसंद नहीं कर्ता था आखिर वो उसका सबसे बड़ा प्रतिस्पर्धी जो था और वो रश्मि का होने वाला मंगेतर भी था I इसलिए उसने जाने से मना कर दिया था l रमन मन ही मन रश्मि से प्रेम कर्ता है पर उससे कह नहीं सकता क्योंकि वो धीरज को पसंद करती है I रमन फिर वापस अपने काम में लग जाता है और एक कप चाय पीने की सोचता है I  रसोई मैं जाकर वो अपने लिए चाय बनाता है I  वापस आकर वो देखता है कि उसके computer स्क्रीन पर कुछ लिखा हुआ था l तुम्हें कल पार्टी में जाना चाहिए ये पढ़ कर रमन के होश उड़ जाते हैं I  कौन आया था यहाँ? किसने लिखा ये? मुझे क्यूँ जाना चाहिए वहाँ??क्या मैं वहीं करूँ जो ये करने को कह रहा है??? रमन बहुत गहरे सोच विचार में डूब जाता है I रमन फैसला करता है कि उसे वहाँ पार्टी मैं जाना चाहिए क्योंकि ये उसके कंप्यूटर ने उसे बोला है जिसने उसकी प्रेजेंटेशन बनाई थी I अगले दिन रमन का ऑफिस :- रमन रश्मि से मिलता है और कहता है कि वो आज शाम को पार्टी में चलेगा l डॉक्टर ने कल बुलाया है पापा को I रमन अपने पापा को फोन करके कह देता है की वो आज घर आने मै थोड़ा लेट हो जायेगा और खाना खा कर आएगा,आप खाना खालेना l वहाँ पार्टी मै रमन धीरज को एक फूलों का गुलदस्ता देता है l रश्मि बहुत ही सुन्दर लग रही होती है उसने लाल रंग की कुर्ती और नीले रंग की जीन्स पहनी होती है l रशमी धीरज के गले लग कर उसको विश करती है l रमन को ये सब देख कर जलन महसूस होती है l फिर वहाँ डांस का प्रोग्राम होता है l धीरज रमन से कहता है की, " क्या तुम डांस करोगे?? " मूझे तो कोई दिलचस्पी नहीं l कहो तो हम दोनों ऊपर वाले कमरे मै जाकर एक व्हिस्की का जाम लगाए l रमन हाँ कर देता है और धीरज के साथ ऊपर वाले कमरे मै चला जाता है l आखिर वो रश्मि को डांस करते हुए देख नहीं पर रहा था उसके दिल की धड़कन तेज हो जाती है ज़ब भी वो सामने आती है तो उसने दूर जाना ही ठीक समझा l धीरज और रमन दोनों साथ मै एक एक पेग🍾 लगाते है की तभी धीरज को जोर जोर से खांसी होने लगती है l उसके माथे से पसीना आने लगता है और सर दर्द से फट रहा होता है l रमन - क्या हुआ? तुम ठीक तो हो?? धीरज  बेहोश होकर जमीन पर गिर जाता है। रमन उसकी नस चेक करता  है l रमन की चीँख निकल जाती है l नहीईईईई😫😫😫😫😫😫 चीँख सुन कर उसके सारे दोस्त ऊपर आजाते है और देखते है की धीरज ज़मीन पर लेता हुआ है l उनमे से एक डॉक्टर भी है डॉ. अमीश सहगल l अमीश - हटो, मूझे देखने दो l वो देखता है की धीरज मर चूका है और उसके होंठ नीले हो गए है l अमीश - ओह नो! आई ऍम सॉरी , ही इस नो मोर l🙏 यार अब इस दुनिया में नहीं रहे!!! 😭😭😭😭 रश्मि का रो रो कर बुरा हाल हो जाता है l रमन बहुत डर जाता है क्यूंकि वो उसके साथ अकेला वहाँ था ज़ब वो मरा l डॉ अमीश का शक रमन पर जाता है क्युंकि उसने भी ड्रिंक की होती है धीरज के साथ. वो पुलिस को फोन करके बुला लेता है l अब रमन क्या करेगा? क्या पुलिस उसे पकड़ कर ले जाएगी? क्या उसे फांसी की सजा होंगी? क्या उसने पार्टी मै जाकर ठीक किया??????? 😩 वो कीबोर्ड जिसने कभी रमन की पदोन्नति promotion कर वाई थी आज उसी के कहने पर वो आज एक मुसीबत मै फस गया है l पुलिस वहाँ पहुँचती है और सब से पूछ ताछ करती है l इंस्पेक्टर विक्रम राठौर इस केस के इंचार्ज है l विक्रम- बॉडी को सबसे पहले किसने देखा? डॉ. अमीश - मैने ही इसकी नस चेक करके देखा था और इसके होठ भी नीले है इसकर मतलब की इसे किसीने ज़हर दिया है, हो सकता है की किसी ने इसके ड्रिंक मै ज़ेहर मिला दिया हो l इंस्पेक्टर- धीरज के साथ इस कमरे मै और कौन था? रमन बोला की मै था l हम दोनों साथ मै ही ड्रिंक कर रहे थे. तभी धीरज का भाई नीरज बोला इंस्पेक्टर साहब आप इस रमन को गिरफ्तार कर लीजिए l मुझे पूरा यकीन है की इस रमन ने ही धीरज को मारा है l इंस्पेक्टर - कौन हो तुम? और तुम इतना यकीन के साथ कैसे कह सकते हो? मै नीरज हूं धीरज का भाई l रमन और धीरज दोनों एक ही ऑफिस में काम करते हैं l धीरज हमेशा रमन से आगे रहा है l और यह रमन को कभी बर्दाश्त नहीं हुआ l इसलिए रमन ने मौका देखकर धीरज की ड्रिंक में जहर मिला दिया l रमन को इससे अच्छा मौका और कहां मिल सकता था? नीरज की बात सुन इंस्पेक्टर सोच में पड़ गए। इंस्पेक्टर विक्रम ने कहा, " क्योंकि रमन उस वक्त धीरज के साथ अकेला था और ड्रिंक भी कर रहा था तो सारा शक रमण पर ही जाता है। इसलिए हम रमन को इसी वक्त गिरफ्तार करते हैं। रमन यह सब सुनकर पसीने पसीने हो गया और अंदर से बहुत घबरा गया। इंस्पेक्टर साहब आपके पास प्रूफ क्या है कि मैंने ही यह खून किया है? मैं तो बस यहां धीरज को बर्थडे विश करने आया था। इंस्पेक्टर ने कहा, " लाश को ऑटोप्सी के लिए भेजा जाए।" मिस्टर रमन अब जो बातें होंगी सीधा हवालात में होगी। रमन पुलिस स्टेशन पहुंच कर अपने पिताजी को फोन करता है। पिताजी आप फौरन किसी वकील को लेकर आइए मेरी जमानत के लिए। मुझे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह सब सुनकर रमन के पिताजी के होश उड़ जाते हैं। यह तुम क्या कह रहे हो रमन पुलिस ने तुम्हें गिरफ्तार कर लिया है!पर क्यों? पापा इनको लगता है कि मैंने ही धीरज को मारा है। आप देर ना करें फ़ौरन एक वकील को लेकर आए l फिर रमन के पिताजी एक बहुत प्रख्यात क्रिमिनल लॉयर ब्रिज भूषण को लेकर आते हैं। वकील रमन की जमानत के सारे कागजात इंस्पेक्टर को दे देता है और रमन बेल पर रिहा हो जाता है। इंस्पेक्टर रमन से कहता है कि तुम छूट के तो जा रहे हो पर यह मत सोचना मेरी नजर तुम पर नहीं रहेगी। मैं जल्दी ही सारे सबूतों के साथ तुम्हें गिरफ्तार करने आऊंगा। एक बार ऑटोप्सी की रिपोर्ट आ जाने दो। रमन ने कहा आप गलत समझ रहे हैं इंस्पेक्टर साहब मैंने धीरज को नहीं मारा है अगर ऐसा होता तो मैं धीरज को मार के वहां से भाग जाता। फिर रमन घर पहुंच कर अपना लैपटॉप खोलता है। रमन गुस्से में लैपटॉप से कहता है कि आखिर क्या मिला तुम्हें मुझे वहां भेज कर? क्या चाहते हो तुम मेरे से? कभी मेरे लिए वरदान बन जाते हो तो कभी अभिशाप …। तभी रमन देखता है कि कीबोर्ड के बटन अपने आप दब रहे होते हैं और स्क्रीन पर लिखा होता है कि अब रश्मि सिर्फ तुम्हारी है। रमन को अपनी आंखों पर विश्वास नहीं होता कि वह जो भी देख रहा है हकीकत है या सपना? यह कीबोर्ड कोई मामूली कीबोर्ड नहीं है बल्कि एक रहस्यमय कीबोर्ड है। इंस्पेक्टर विक्रम ऑटोप्सी की रिपोर्ट पढ़ते हैं। रिपोर्ट में लिखा था कि धीरज की मौत किसी एलर्जिक रिएक्शन की वजह से हुई है। उसके ब्लड में जहर के कोई सैंपल्स नहीं मिले। इंस्पेक्टर सोचता है कि इसका मतलब रमन ने धीरज को जहर नहीं दिया। पर अब यह पता लगाना होगा कि नीरज को किस चीज से एलर्जी थी.?? इंस्पेक्टर धीरज के घर जाता है और वहां उसके भाई से मिलता है। नीरज- अरे इंस्पेक्टर साहब आप यहां सुबह सुबह!! धीरज की ऑटोप्सी रिपोर्ट आ गई क्या?? इंस्पेक्टर - हां रिपोर्ट आ गई है और हमें पता चल गया है कि धीरज की मौत किस वजह से हुई थी। क्या धीरज को किसी चीज से एलर्जी थी?? नीरज - हां धीरज को मशरूम से एलर्जी थी । पर क्या हुआ आप बताइए ना ऑटोप्सी रिपोर्ट में क्या आया है? इंस्पेक्टर - धीरज की मौत किसी एलर्जी रिएक्शन की वजह से हुई है। उसे किसी ने जहर नहीं दिया। इसलिए रमन बेगुनाह है। मूझे फिर से उस कमरे की तलाशी लेनी होगी। इंस्पेक्टर उस कमरे में जाता है जहां धीरज की मौत हुई थी। वहां उसे एक टेबल के नीचे प्लेट में मशरूम की सब्जी मिलती है। शायद यह रमन ने मशरूम की सब्जी अपने लिए मंगवाई होगी बातों ही बातों में धीरज ने भी खाली होगी जिससे उसकी मौत हो गई। मुझे अब रमन से मिलना होगा। फिर इंस्पेक्टर विक्रम रमन के घर जाते हैं। रमन इंस्पेक्टर को देख कर डर जाता है और सोचता है कि क्या इन्हे मेरे खिलाफ कुछ मिल गया? रमन - कहिए इंस्पेक्टर साहब कैसे आना हुआ?? इंस्पेक्टर - रमन क्या तुमने उस दिन ड्रिंक के साथ और कुछ भी लिया था? अच्छे से याद करके बताओ. रमन - हां मैंने एक तंदूरी रोटी और साथ में मशरूम की सब्जी मंगवाई थी.। इंस्पेक्टर - क्या वह सब्जी धीरज ने भी खाई थी?? रमन - ठीक से कुछ याद तो नहीं हां शायद खाई थी। हम्म्म... दरअसल  धीरज की मौत इसी मशरुम की वजह से हुई है। शायद धीरज को ध्यान नहीं रहा कि वह मशरूम खा रहा है जिससे  उसे एलर्जी है। और ज्यादा मशरूम खाने की वजह से उसकी मौत हो गई। रमन मन ही मन खुश हो जाता है। आई एम सॉरी मिस्टर रमन हमारी वजह से आपको बहुत तकलीफ हुई। आप बेगुनाह है  ।  मैं यह केस यही क्लोज करता हूं। रमन - इट्स ओके इंस्पेक्टर साहब। रमन राहत की सांस लेता है और सोचता है की भगवान का शुक्र है की मै बच गया। वो रश्मि को फोन करता है। रश्मि - रमन मुझे तुमसे कोई बात नहीं करनी। तुमने मेरे धीरज को मारा है। रमन - रश्मि पहले मेरी पूरी बात तो सुनो, फोन मत काटना। रश्मि -  जो कहना चाहते हो जल्दी कहो। रमन - धीरज की मौत जहर से नहीं बल्कि मशरूम खाने से हुई थी l इंस्पेक्टर विक्रम अभी यहीं आए थे और उन्होंने बताया कि धीरज के ऑटोप्सी रिपोर्ट में आया है कि धीरज की मौत किसी एलर्जिक रिएक्शन की वजह से हुई थी। और धीरज को मशरूम से एलर्जी थी। रश्मि - क्या 🙄🙄🤔??? मतलब कि तुमने धीरज को नहीं मारा। और धीरज को जहर नहीं दिया? पर धीरज ने मशरूम खाया ही क्यों? रमन - नहीं मैंने उसे नहीं मारा और ना ही मैंने उसे जहर दिया था। शायद ड्रिंक करते करते उसे ध्यान नहीं रहा कि वह मशरूम खा रहा है। शायद उसकी मौत ऐसे ही लिखी थी। रश्मि - 🥲 अब मेरा धीरज मुझे कभी वापस नहीं मिलेगा। रमन - खुद को संभालो रश्मि। क्या आज हम शाम को बाहर कॉफी पीने चल सकते हैं? अगर तुम  बुरा ना मानो तो l रश्मि - ठीक है। रमन फिर अपना लैपटॉप खोलता है। और कीबोर्ड से  कहता है की देखो तुमने मुझे फसाने की कोशिश की थी पर भगवान ने मुझे बचा लिया। मैं कल शाम को जा रहा हूं रश्मि से मिलने। कि तभी फिर से कीबोर्ड के बटन अपने आप दब ने लग जाते हैं। स्क्रीन पर लिखा होता है कि कल तुम्हें वह मिल जाएगा जिसकी तुम्हें कब से चाहत थी। रमन सोच में पड़ जाता है यह की-बोर्ड क्या लिखता रहता है?? आखिर कल मुझे क्या मिलने वाला है?? अगले दिन रमन रश्मि से मिलता है। रश्मि क्या हुआ तुम्हारी तबीयत तो ठीक है ना?? रश्मि - क्या बताऊं रमन जबसे धीरज गया है मेरी जिंदगी में अब कुछ नहीं बचा। मेरी समझ में नहीं आ रहा मैं क्या करूं? रमन - क्या मतलब? रश्मि - मैं धीरज के बच्चे की मां बनने वाली हूं। बिन बिहाई मां को यह समाज कभी नहीं स्वीकारेंगा। अगर मेरे घर वालों को पता चला तो वह मुझे जान से मार देंगे। अब तुम ही बताओ रमन मुझे क्या करना चाहिए? रमन - ये तुम क्या कह रही हो रश्मि?? तुम मां बनने वाली हो?? तुम बुरा ना मानो तो एक बात कहूं? रश्मि - हाँ कहो! रमन - क्या तुम मेरे से शादी करोगी??? रमन बहुत ही डर के बोला। रश्मि - क्या तुम पागल हो रमन? मैं यह


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रमन का कीबोर्ड से मिलना

रमन अपने पिता जी के साथ एक छोटे से मकान में रहता है l वो एक बड़ी सी कंपनी मैं फाइनेंसियल एडवाइजर है l कल उसको एक प्रेजेंटेशन तैयार करनी है जिससे कि उसकी प्रमोशन भी हो सकती है l वो 🎒बैग से अपना लैपटॉप निकालता है पर किसी कारण वो चलता नहीं l रमन बहुत टेंशन मैं हो जाता है वो सोचता है कि अब क्या करूं इसका कीबोर्ड भी अभी खराब होना था l


उसके पिता जी उससे पूछते है कि बेटा क्या बात है इतना उदास क्यूँ हो?

रमन- मेरा कल जरूरी प्रेजेंटेशन है और इसका यह कीबोर्ड भी काम नहीं कर रहा, मॉनिटर तो ठीक है I


कि तभी पिता जी उसके लिए एक पुराना कीबोर्ड लाते है I


पिता जी - ये लो बेटा तुम्हारे दादा जी का कीबोर्ड I वो भी कभी अपने कंप्यूटर 🖥 पर अपनी नॉवेल लिखा करते थे l कंप्यूटर तो खराब हो गया पर मेंने उसका कीबोर्ड सम्भाल कर रख लिया था l आज देखो तुम्हारे काम आ ही गया I


रमन खुश हो गया और उसने अपना काम करना शुरू कर दिया l काम करते करते उसकी आंख लग गई I जब वो जागा सुबह के 8 बज रहे थे वो और भी ज्यादा टेंशन मैं हो गया था क्योंकि उसने काम पूरा नहीं किया था और ऑफिस जाने मै सिर्फ 1 घन्टा बचा था l.


उसने अपने लैपटॉप पर देखा पर ये क्या उसकी प्रेजेंटेशन फाइल पूरी कम्पलीट थी l वो हैरान रह गया l पर वो खुश भी था l


आखिर ये किसने किया??


रमन ऑफिस पहुँच कर अपनी प्रेजेंटेशन सब को देता है I सीईओ उसके काम की बहुत तारीफ करता है और उसकी पदौन्नति कर देता है I रमन की खुशी का ठिकाना नहीं रहता l पर वो मन ही मन जानता है कि ये काम उसका नहीं हैं I


रात को खाना खा कर वो अपने पिताजी से पूछता है कि क्या आपने मेरे लैपटॉप पर कुछ काम किया था??


पिताजी- नहीं तो! मुझे तो ये चलाना भी नहीं आता l मैं तो रोज रात को अपना भजन सुनता हूँ I


रमन फिर अपना लैपटॉप खोलता है और ऑफिस का काम करने लग जाता है कि तभी उसे रश्मि का फोन📱आता है I रश्मि उसके ऑफिस मैं उसकी सहयोगी है I


रश्मी- हैलो रमन, कल धीरज का जन्मदिन है, तुम चल रहे हो ना शाम को पार्टी में?


रमन- नहीं यार, कल मुझे पापा को ले कर डॉक्टर के जाना है रूटीन चेकअप के लिए I और अपना कीबोर्ड भी ठीक होने के लिए देना है I मेरी तरफ से जन्मदिन की बधाई दे देना I


रश्मि - अच्छा ठीक है ,मैं कह दूंगी l 👋 बाइ


रमन ने ये सब झूठ बोला था क्यूंकि वो धीरज को पसंद नहीं कर्ता था आखिर वो उसका सबसे बड़ा प्रतिस्पर्धी जो था और वो रश्मि का होने वाला मंगेतर भी था I इसलिए उसने जाने से मना कर दिया था l


रमन मन ही मन रश्मि से प्रेम कर्ता है पर उससे कह नहीं सकता क्योंकि वो धीरज को पसंद करती है I


रमन फिर वापस अपने काम में लग जाता है और एक कप चाय पीने की सोचता है I रसोई मैं जाकर वो अपने लिए चाय बनाता है I वापस आकर वो देखता है कि उसके computer स्क्रीन पर कुछ लिखा हुआ था l


तुम्हें कल पार्टी में जाना चाहिए


ये पढ़ कर रमन के होश उड़ जाते हैं I कौन आया था यहाँ? किसने लिखा ये? मुझे क्यूँ जाना चाहिए वहाँ??क्या मैं वहीं करूँ जो ये करने को कह रहा है???


रमन बहुत गहरे सोच विचार में डूब जाता है I


रमन फैसला करता है कि उसे वहाँ पार्टी मैं जाना चाहिए क्योंकि ये उसके कंप्यूटर ने उसे बोला है जिसने उसकी प्रेजेंटेशन बनाई थी I


अगले दिन रमन का ऑफिस :-


रमन रश्मि से मिलता है और कहता है कि वो आज शाम को पार्टी में चलेगा l डॉक्टर ने कल बुलाया है पापा को I रमन अपने पापा को फोन करके कह देता है की वो आज घर आने मै थोड़ा लेट हो जायेगा और खाना खा कर आएगा,आप खाना खालेना l


वहाँ पार्टी मै रमन धीरज को एक फूलों का गुलदस्ता देता है l रश्मि बहुत ही सुन्दर लग रही होती है उसने लाल रंग की कुर्ती और नीले रंग की जीन्स पहनी होती है l


रशमी धीरज के गले लग कर उसको विश करती है l रमन को ये सब देख कर जलन महसूस होती है l फिर वहाँ डांस का प्रोग्राम होता है l धीरज रमन से कहता है की, " क्या तुम डांस करोगे?? " मूझे तो कोई दिलचस्पी नहीं l कहो तो हम दोनों ऊपर वाले कमरे मै जाकर एक व्हिस्की का जाम लगाए l रमन हाँ कर देता है और धीरज के साथ ऊपर वाले कमरे मै चला जाता है l आखिर वो रश्मि को डांस करते हुए देख नहीं पर रहा था उसके दिल की धड़कन तेज हो जाती है ज़ब भी वो सामने आती है तो उसने दूर जाना ही ठीक समझा l


धीरज और रमन दोनों साथ मै एक एक पेग🍾 लगाते है की तभी धीरज को जोर जोर से खांसी होने लगती है l उसके माथे से पसीना आने लगता है और सर दर्द से फट रहा होता है l


रमन - क्या हुआ? तुम ठीक तो हो??

धीरज बेहोश होकर जमीन पर गिर जाता है।

रमन उसकी नस चेक करता है l रमन की चीँख निकल जाती है l नहीईईईई😫😫😫😫😫😫


चीँख सुन कर उसके सारे दोस्त ऊपर आजाते है और देखते है की धीरज ज़मीन पर लेता हुआ है l उनमे से एक डॉक्टर भी है डॉ. अमीश सहगल l


अमीश - हटो, मूझे देखने दो l

वो देखता है की धीरज मर चूका है और उसके होंठ नीले हो गए है l

अमीश - ओह नो! आई ऍम सॉरी , ही इस नो मोर l🙏 यार अब इस दुनिया में नहीं रहे!!!


😭😭😭😭


रश्मि का रो रो कर बुरा हाल हो जाता है l रमन बहुत डर जाता है क्यूंकि वो उसके साथ अकेला वहाँ था ज़ब वो मरा l

डॉ अमीश का शक रमन पर जाता है क्युंकि उसने भी ड्रिंक की होती है धीरज के साथ. वो पुलिस को फोन करके बुला लेता है l


अब रमन क्या करेगा? क्या पुलिस उसे पकड़ कर ले जाएगी? क्या उसे फांसी की सजा होंगी?


क्या उसने पार्टी मै जाकर ठीक किया??????? 😩


वो कीबोर्ड जिसने कभी रमन की पदोन्नति promotion कर वाई थी आज उसी के कहने पर वो आज एक मुसीबत मै फस गया है l


पुलिस वहाँ पहुँचती है और सब से पूछ ताछ करती है l इंस्पेक्टर विक्रम राठौर इस केस के इंचार्ज है l


विक्रम- बॉडी को सबसे पहले किसने देखा?

डॉ. अमीश - मैने ही इसकी नस चेक करके देखा था और इसके होठ भी नीले है इसकर मतलब की इसे किसीने ज़हर दिया है, हो सकता है की किसी ने इसके ड्रिंक मै ज़ेहर मिला दिया हो l


इंस्पेक्टर- धीरज के साथ इस कमरे मै और कौन था?


रमन बोला की मै था l हम दोनों साथ मै ही ड्रिंक कर रहे थे.


तभी धीरज का भाई नीरज बोला इंस्पेक्टर साहब आप इस रमन को गिरफ्तार कर लीजिए l मुझे पूरा यकीन है की इस रमन ने ही धीरज को मारा है l

इंस्पेक्टर - कौन हो तुम? और तुम इतना यकीन के साथ कैसे कह सकते हो?


मै नीरज हूं धीरज का भाई l रमन और धीरज दोनों एक ही ऑफिस में काम करते हैं l धीरज हमेशा रमन से आगे रहा है l और यह रमन को कभी बर्दाश्त नहीं हुआ l इसलिए रमन ने मौका देखकर धीरज की ड्रिंक में जहर मिला दिया l रमन को इससे अच्छा मौका और कहां मिल सकता था?


नीरज की बात सुन इंस्पेक्टर सोच में पड़ गए। इंस्पेक्टर विक्रम ने कहा, " क्योंकि रमन उस वक्त धीरज के साथ अकेला था और ड्रिंक भी कर रहा था तो सारा शक रमण पर ही जाता है। इसलिए हम रमन को इसी वक्त गिरफ्तार करते हैं।

रमन यह सब सुनकर पसीने पसीने हो गया और अंदर से बहुत घबरा गया। इंस्पेक्टर साहब आपके पास प्रूफ क्या है कि मैंने ही यह खून किया है? मैं तो बस यहां धीरज को बर्थडे विश करने आया था।


इंस्पेक्टर ने कहा, " लाश को ऑटोप्सी के लिए भेजा जाए।" मिस्टर रमन अब जो बातें होंगी सीधा हवालात में होगी।


रमन पुलिस स्टेशन पहुंच कर अपने पिताजी को फोन करता है। पिताजी आप फौरन किसी वकील को लेकर आइए मेरी जमानत के लिए। मुझे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।


यह सब सुनकर रमन के पिताजी के होश उड़ जाते हैं। यह तुम क्या कह रहे हो रमन पुलिस ने तुम्हें गिरफ्तार कर लिया है!पर क्यों? पापा इनको लगता है कि मैंने ही धीरज को मारा है। आप देर ना करें फ़ौरन एक वकील को लेकर आए l


फिर रमन के पिताजी एक बहुत प्रख्यात क्रिमिनल लॉयर ब्रिज भूषण को लेकर आते हैं। वकील रमन की जमानत के सारे कागजात इंस्पेक्टर को दे देता है और रमन बेल पर रिहा हो जाता है। इंस्पेक्टर रमन से कहता है कि तुम छूट के तो जा रहे हो पर यह मत सोचना मेरी नजर तुम पर नहीं रहेगी। मैं जल्दी ही सारे सबूतों के साथ तुम्हें गिरफ्तार करने आऊंगा। एक बार ऑटोप्सी की रिपोर्ट आ जाने दो।


रमन ने कहा आप गलत समझ रहे हैं इंस्पेक्टर साहब मैंने धीरज को नहीं मारा है अगर ऐसा होता तो मैं धीरज को मार के वहां से भाग जाता।


फिर रमन घर पहुंच कर अपना लैपटॉप खोलता है। रमन गुस्से में लैपटॉप से कहता है कि आखिर क्या मिला तुम्हें मुझे वहां भेज कर? क्या चाहते हो तुम मेरे से? कभी मेरे लिए वरदान बन जाते हो तो कभी अभिशाप …।


तभी रमन देखता है कि कीबोर्ड के बटन अपने आप दब रहे होते हैं और स्क्रीन पर लिखा होता है कि अब रश्मि सिर्फ तुम्हारी है।


रमन को अपनी आंखों पर विश्वास नहीं होता कि वह जो भी देख रहा है हकीकत है या सपना?


यह कीबोर्ड कोई मामूली कीबोर्ड नहीं है बल्कि एक रहस्यमय कीबोर्ड है।

इंस्पेक्टर विक्रम ऑटोप्सी की रिपोर्ट पढ़ते हैं। रिपोर्ट में लिखा था कि धीरज की मौत किसी एलर्जिक रिएक्शन की वजह से हुई है। उसके ब्लड में जहर के कोई सैंपल्स नहीं मिले।


इंस्पेक्टर सोचता है कि इसका मतलब रमन ने धीरज को जहर नहीं दिया। पर अब यह पता लगाना होगा कि नीरज को किस चीज से एलर्जी थी.??


इंस्पेक्टर धीरज के घर जाता है और वहां उसके भाई से मिलता है।

नीरज- अरे इंस्पेक्टर साहब आप यहां सुबह सुबह!! धीरज की ऑटोप्सी रिपोर्ट आ गई क्या??

इंस्पेक्टर - हां रिपोर्ट आ गई है और हमें पता चल गया है कि धीरज की मौत किस वजह से हुई थी। क्या धीरज को किसी चीज से एलर्जी थी??

नीरज - हां धीरज को मशरूम से एलर्जी थी । पर क्या हुआ आप बताइए ना ऑटोप्सी रिपोर्ट में क्या आया है?


इंस्पेक्टर - धीरज की मौत किसी एलर्जी रिएक्शन की वजह से हुई है। उसे किसी ने जहर नहीं दिया। इसलिए रमन बेगुनाह है। मूझे फिर से उस कमरे की तलाशी लेनी होगी।


इंस्पेक्टर उस कमरे में जाता है जहां धीरज की मौत हुई थी। वहां उसे एक टेबल के नीचे प्लेट में मशरूम की सब्जी मिलती है।


शायद यह रमन ने मशरूम की सब्जी अपने लिए मंगवाई होगी बातों ही बातों में धीरज ने भी खाली होगी जिससे उसकी मौत हो गई। मुझे अब रमन से मिलना होगा।


फिर इंस्पेक्टर विक्रम रमन के घर जाते हैं। रमन इंस्पेक्टर को देख कर डर जाता है और सोचता है कि क्या इन्हे मेरे खिलाफ कुछ मिल गया?

रमन - कहिए इंस्पेक्टर साहब कैसे आना हुआ??

इंस्पेक्टर - रमन क्या तुमने उस दिन ड्रिंक के साथ और कुछ भी लिया था? अच्छे से याद करके बताओ.


रमन - हां मैंने एक तंदूरी रोटी और साथ में मशरूम की सब्जी मंगवाई थी.।

इंस्पेक्टर - क्या वह सब्जी धीरज ने भी खाई थी??

रमन - ठीक से कुछ याद तो नहीं हां शायद खाई थी।


हम्म्म... दरअसल धीरज की मौत इसी मशरुम की वजह से हुई है। शायद धीरज को ध्यान नहीं रहा कि वह मशरूम खा रहा है जिससे उसे एलर्जी है। और ज्यादा मशरूम खाने की वजह से उसकी मौत हो गई।


रमन मन ही मन खुश हो जाता है।


आई एम सॉरी मिस्टर रमन हमारी वजह से आपको बहुत तकलीफ हुई। आप बेगुनाह है । मैं यह केस यही क्लोज करता हूं।


रमन - इट्स ओके इंस्पेक्टर साहब।


रमन राहत की सांस लेता है और सोचता है की भगवान का शुक्र है की मै बच गया।

वो रश्मि को फोन करता है।

रश्मि - रमन मुझे तुमसे कोई बात नहीं करनी। तुमने मेरे धीरज को मारा है।

रमन - रश्मि पहले मेरी पूरी बात तो सुनो, फोन मत काटना।

रश्मि - जो कहना चाहते हो जल्दी कहो।

रमन - धीरज की मौत जहर से नहीं बल्कि मशरूम खाने से हुई थी l इंस्पेक्टर विक्रम अभी यहीं आए थे और उन्होंने बताया कि धीरज के ऑटोप्सी रिपोर्ट में आया है कि धीरज की मौत किसी एलर्जिक रिएक्शन की वजह से हुई थी। और धीरज को मशरूम से एलर्जी थी।


रश्मि - क्या 🙄🙄🤔??? मतलब कि तुमने धीरज को नहीं मारा। और धीरज को जहर नहीं दिया? पर धीरज ने मशरूम खाया ही क्यों?


रमन - नहीं मैंने उसे नहीं मारा और ना ही मैंने उसे जहर दिया था। शायद ड्रिंक करते करते उसे ध्यान नहीं रहा कि वह मशरूम खा रहा है। शायद उसकी मौत ऐसे ही लिखी थी।


रश्मि - 🥲 अब मेरा धीरज मुझे कभी वापस नहीं मिलेगा।

रमन - खुद को संभालो रश्मि। क्या आज हम शाम को बाहर कॉफी पीने चल सकते हैं? अगर तुम बुरा ना मानो तो l


रश्मि - ठीक है।


रमन फिर अपना लैपटॉप खोलता है। और कीबोर्ड से कहता है की देखो तुमने मुझे फसाने की कोशिश की थी पर भगवान ने मुझे बचा लिया। मैं कल शाम को जा रहा हूं रश्मि से मिलने।


कि तभी फिर से कीबोर्ड के बटन अपने आप दब ने लग जाते हैं। स्क्रीन पर लिखा होता है कि कल तुम्हें वह मिल जाएगा जिसकी तुम्हें कब से चाहत थी।


रमन सोच में पड़ जाता है यह की-बोर्ड क्या लिखता रहता है?? आखिर कल मुझे क्या मिलने वाला है??


अगले दिन रमन रश्मि से मिलता है। रश्मि क्या हुआ तुम्हारी तबीयत तो ठीक है ना??

रश्मि - क्या बताऊं रमन जबसे धीरज गया है मेरी जिंदगी में अब कुछ नहीं बचा। मेरी समझ में नहीं आ रहा मैं क्या करूं?

रमन - क्या मतलब?

रश्मि - मैं धीरज के बच्चे की मां बनने वाली हूं। बिन बिहाई मां को यह समाज कभी नहीं स्वीकारेंगा। अगर मेरे घर वालों को पता चला तो वह मुझे जान से मार देंगे। अब तुम ही बताओ रमन मुझे क्या करना चाहिए?

रमन - ये तुम क्या कह रही हो रश्मि?? तुम मां बनने वाली हो?? तुम बुरा ना मानो तो एक बात कहूं?

रश्मि - हाँ कहो!

रमन - क्या तुम मेरे से शादी करोगी??? रमन बहुत ही डर के बोला।

रश्मि - क्या तुम पागल हो रमन? मैं इस वक्त कितने मुश्किल दौर से गुजर रही हूं और तुम मेरे से शादी करना चाहते हो??

रमन - तुम गलत समझ रही हो रश्मि। मैंने ऐसा इसलिए कहा ताकि मैं तुम्हारे बच्चे को एक पिता का नाम दे सकूं.


रश्मि यह सब सुनकर हैरान हो जाती है उसके मन में रमन के लिए इज्जत बढ़ जाती है। रमन तुम नहीं जानते तुमने मेरे दिल से कितना बड़ा भोज उतार दिया पर मैं कभी तुम्हें एक पत्नी की तरह प्यार नहीं दे पाऊंगी। मैं तुमसे सिर्फ इस बच्चे के लिए ही शादी करूंगी।


रमन कहता है कि हां वो भी यही चाहता है और वह अपनी पूरी कोशिश करेगा तुम दोनों को हर सुख देने की।


फिर एक हफ्ते बाद रमन और रश्मि की शादी हो जाती है।


अब रमन फिर से अपना लैपटॉप खोलता है, और कहता है कि जो तुमने कहा वह सब सच हुआ। तुम सच में बहुत रहस्यमई हो। मैं हमेशा तुम्हें अपने पास ही रखूंगा।


क्या सच में कीबोर्ड रमन के लिए वरदान था या एक अभिशाप??


यह आपको पता चलेगा सीजन 2 में

June 13, 2021, 10:49 a.m. 0 Report Embed Follow story
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The End

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